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किस अक्षर से रखें बच्चें का नाम क्या कहता है ज्योतिष शास्त्र

जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में हो उसके अनुसार अक्षर चुनकर जन्म नाम रखने की प्रथा है प्रसिद्ध नाम अपनी रुचि के अनुसार माता-पिता कुछ भी रख सकते हैं

प्रत्येक नक्षत्र का भाग 13 अंश 20 कला है इसको चार से भाग देने पर प्रत्येक का भाग हुआ 3 अंश 20 कला। इस प्रत्येक भाग को पाद या पैर या चरण कहते हैं। नक्षत्र के जिस चरण में जन्म हो उसके अनुसार नाम का प्रथम अक्षर निम्मलिखित प्रकार से चुना जाता है

अश्विनी-चू,चे,चो,ला

भरणी-ली,लू,ले,लो

कृतिका-अ,इ,उ,ए

रोहिणी-ओ,वा,वी,वू

मृगशिर-वे,वो,का,की

आर्द्रा-कू,घ,ड़,छ

पुनर्वसु-के,को,हा,ही

पुष्य—हू,हे,हो,डा

आश्लेषा-डी,डू,डे,डो

मघा-मा,मी,मू,मे

पूर्वा फाल्गुनी-मो.टा.टी,टू

उत्तरा फाल्गुनी-टे,टो,पा,पी

हस्त-पू,ष,ण,ढ़

चित्रा-पे,पो,रा,री

स्वाति-रू,रे,रो,ता

विशाखा-ती,तू,ते,तो

अनुराधा-ना,नी,नू,ने

ज्येष्ठा-नो,य़ा,यी,यू

मूल-ये,यो,भा,भी

पूर्वाषाढ़-भू,धा,फा,ढ़ा

उत्तराषाढ़-भे,भो,जा,जी

श्रवण-खी,खू,खे,लो

धनिष्ठा-गा,गी,गू,गे

शतभिषा-गो,सा,सी,सू

पूर्वाभाद्र-से,सो,दा.दी

उत्तराभाद्र-दू,थ,झ,अ

रेवती-दे,दो,च,ची

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