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What was massage of Sikander after death सिकंदर ने दुनिया को क्या संदेश दिया

मरने के बाद सिंकदर के दोनों हाथ ताबूत से बाहर क्यों थे

जो काम आप अगले साल करना चाहते हैं वो आज ही क्यों नहीं कर लेते हैं हो सकता है अगले साल आप इस स्थिति में ना हो कि वो काम कर सकें जिसकी आज आप अगले साल करने की योजना बना रहे हैं

जीवन में हम जो सपने देखते हैं या जो कुछ अपने लिए करना चाहते हैं उसके लिए तुरंत कोशिश करना शुरु कर दें कल पर टालें नहीं आज से ही काम शुरु कर दें थोड़ा-थोड़ा हर दिन करते जाएं तभी आप अपने लक्ष्य की ओर बढ़ पाएंगे

ऐसा कहा जाता है कि सिकंदर महान जब दुनिया को जीतता हुआ बलूचिस्तान पहुंचा तो उसकी तबियत बहुत बिगड़ गई वो वापस अपनी मां के पास जाना चाहता है अंतिम समय में सिकंदर अपनी मां और अपने चाहने वालों के साथ रहना चाहता था लेकिन वो ऐसा नहीं कर सकता था उसकी मौत करीब थी उसके सैनिक चाहकर भी सिकंदर को जल्द से जल्द उसकी मां के पास पहुंचाने में सफल नहीं होंगे ये सिकंदर जानता था

मरने से पहले सिकंदर ने अपने सेनापति से कहा कि मरने के बाद जब उसकी डेड बॉडी को जब ले जाया जाए तो दोनों हाथ ताबूत के बाहर रखें जाएं ताकि दुनिया को ये संदेश मिल सके कि विश्व विजेता सिकंदर जब इस धरती को छोड़कर जा रहा था तो उसके हाथ खाली थे

हम सब खाली हाथ आए हैं और खाली हाथ जाना है ऐसे में जो हमारे सपने हैं उनको साकार करने के लिए सीमित वक्त हमारे पास है इसलिए क्यों ना अभी से अपने प्रयास तेज करें ताकी समय रहते हम अपने सपने पूरे कर सकें।

जब हम इस धरती से जाएं तो दुनिया हमें एक अच्छे इंसान के रूप में याद करे। हमारे परिवार, हमारे समाज के लोगों को हम पर गर्व हो।

जय श्री कृष्णा

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